गोरखपुर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म जितनी समृद्ध पर्व-त्योहारों की परंपरा दुनिया के किसी भी अन्य देश में या मत, मजहब के पास नहीं है। हमारी आस्था ही सनातन धर्म की ताकत है और आस्था की आत्मा पर्व, त्योहार में है। सनातन पर्व परंपरा में दक्षिण से उत्तर तक, पूरब से पश्चिम तक वर्षभर उत्साह और उमंग से जुड़ने का अवसर भारतवासियों को प्राप्त होता है।
सीएम योगी शुक्रवार को होली के पावन महापर्व पर घंटाघर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व श्री होलिकोत्सव समिति की ओर से निकलने वाली भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। सभी प्रदेशवासियों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौराणिक गाथा गाथा के अनुसार भारत में जन्म लेना दुर्लभ है। और, उसमें भी मनुष्य रूप में, सनातन धर्म में जन्म लेना और भी दुर्लभ। जो लोग सनातन को कोसते थे उन्होंने भी सनातन का सामर्थ्य प्रयागराज महाकुंभ में देखा है। प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पावन त्रिवेणी में स्नान कर पुण्य के भागीदार बने। दुनिया में कहीं भी, किसी भी क्षेत्र में, किसी भी जाति का, किसी भी भाषा को बोलने वाला सनातनी रहा हो, उसने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर जीवन को धन्य बनाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों के के प्रति अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि होली का एक ही संदेश, एकता से ही आगे रहेगा यह देश। उन्होंने कहा कि अगर देश अखंड रहेगा तो एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना अवश्य पूरी होगी। उन्होंने भगवान नृसिंह के अवतार का उल्लेख करते हुए कहा कि यह चेतावनी भी है कि हिरण्यकश्यप जैसे लोगों का घमंड नहीं टिक सकता और एक उदाहरण भी है कि यदि भक्त प्रहलाद के अनुरूप सत्य के मार्ग का अनुसरण किया जाएगा तो ईश्वर की कृपा जरूर बरसेगी।
लोगों को होली की बधाई देने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान नृसिंह की विधिविधान से आरती उतारी। उन्हें नारियल, गुझिया के साथ फूल, फल, रंग, अबीर, गुलाल अर्पित किया। भगवान नृसिंह की पूजा करने के बाद सीएम योगी पूरी तरह होली के माहौल में रम गए। उन्होंने लोगों के ऊपर जमकर फूल की पंखुड़ियां, अबीर, गुलाल उड़ाईं। देखते ही देखते योगी समेत समूचा जनमानस रंगों में सराबोर हो गया। इस दौरान जय श्रीराम और हर हर महादेव के नारों के बीच उत्सवी उल्लास आसमान पर था।