गोरखपुर। श्री श्री गणेश पूजा के तीसरे दिन बहुत ही उत्साह के साथ गणपति महराज के लिए श्रद्धालुओं एंव समिति के द्वारा छप्पन भोग का आयोजन किया गया।गणपति को समर्पित छप्पन भोग प्रेम भक्ति और प्रचुरता का प्रतीक हैं। गणपति को मोदक बहुत ही प्रिय हैं।इसीलिए छप्पन भोग में मोदक का विशेष महत्व रहता हैं।छप्पन भोग लगने के बाद श्रद्धालुओं ने पूरे वातावरण को पूजा अर्चना भजन कीर्तन से पूरा पांडाल भक्ति सागर में देर रात तक डूबा रहा।गणेश चतुर्थी का उत्सव नई शुरुआत, समृद्धि और बाधाओ को दूर करने का प्रतीक हैं।ऐसा माना जाता हैं कि गणपति की आराधना से जीवन की सभी कष्ट दूर हो जाती हैं।नए काम की शुरुआत में सफलता प्राप्त होती हैं।छप्पन भोग में फल, मीठा,सब्जी, मेवा सहित कुल छप्पन प्रकार के व्यंजन होते है।जिससे गणपति महराज बहुत ही प्रशन्न होते है।इस मौके पर समिति के अध्यक्ष अमर कसौधन, रिंकू, संजय विश्वकर्मा, अखिलेश, दिलीप, गोविन्द मास्टर, विशाल गुप्ता, सोमनाथ, सोनू, शिवकुमार, विजय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।